DUSU Election Result 2025: ABVP की तीन सीटों पर जीत, NSUI को सिर्फ उपाध्यक्ष पद

DUSU Election Result 2025

DUSU Election Result 2025 रिज़ल्ट घोषित हो गया है। इस बार का चुनाव बेहद दिलचस्प और हाई-वोल्टेज साबित हुआ। नतीजों में साफ हुआ कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने चार में से तीन सीटों पर कब्ज़ा कर लिया है। वहीं, NSUI को केवल उपाध्यक्ष पद पर ही जीत मिली, जो उनके लिए राहत की एकमात्र किरण साबित हुई।

ABVP का दमदार प्रदर्शन

इस चुनाव में अध्यक्ष पद पर आर्यन मान ने NSUI उम्मीदवार जोस्लिन नंदिता चौधरी को हराकर शानदार जीत दर्ज की। यह जीत ABVP के लिए सिर्फ एक पद की जीत नहीं बल्कि संगठन की लोकप्रियता और रणनीति की सफलता का सबूत है।

सचिव पद पर कुनाल चौधरी (ABVP) विजयी रहे और उन्होंने NSUI के कबीर को हराया। इसके अलावा, संयुक्त सचिव पद पर दीपिका झा (ABVP) ने जीत दर्ज की और NSUI के लवकुश भड़ाना को हराया।DUSU Election Result 2025 में ABVP ने कुल तीन पद जीतकर अपना वर्चस्व बरकरार रखा।

NSUI को उपाध्यक्ष पद पर सफलता मिली, जहां राहुल झंसलां ने ABVP उम्मीदवार गोविंद तंवर को हराकर यह सीट अपने नाम की। हालांकि NSUI समर्थकों ने इसे बड़ी उपलब्धि बताया, लेकिन यह साफ है कि संगठन को अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए और मेहनत करनी होगी।

चुनावी तस्वीर और मतदान

इस बार 39.4% छात्रों ने मतदान किया। पिछले वर्षों की तुलना में यह थोड़ा कम रहा, लेकिन हज़ारों छात्रों ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिस्सा लिया। कुल 21 उम्मीदवार मैदान में थे और सभी ने चार केंद्रीय पदों के लिए जोरदार प्रचार किया। अध्यक्ष पद को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा रही क्योंकि यह DUSU का सबसे प्रतिष्ठित पद माना जाता है।

कैंपस का चुनावी माहौल

चुनाव के दौरान नॉर्थ और साउथ कैंपस दोनों जगह छात्रों में गजब का उत्साह देखने को मिला। लंबी कतारों में खड़े होकर छात्रों ने वोट डाले। ABVP और NSUI दोनों ही संगठनों ने पोस्टर, नारे और सोशल मीडिया कैंपेन के जरिए प्रचार किया। हालांकि ABVP का प्रचार ज्यादा संगठित और आक्रामक नज़र आया।

राष्ट्रीय राजनीति से जुड़ाव

DUSU चुनाव हमेशा से राष्ट्रीय राजनीति का मिनी मॉडल कहे जाते रहे हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से निकले कई छात्र नेता आगे चलकर राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी भूमिका निभाते हैं। यही कारण है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों के लिए यह चुनाव प्रतिष्ठा का सवाल होते हैं। इस बार ABVP की जीत भाजपा के लिए सकारात्मक संकेत है, वहीं NSUI की कमजोर स्थिति कांग्रेस के लिए चिंता का विषय बन सकती है।

NSUI क्यों पिछड़ी?

विशेषज्ञों का मानना है कि NSUI इस बार छात्रों के बीच स्पष्ट मुद्दों को लेकर नहीं उतरी। उनकी रणनीति कमजोर रही और प्रचार अभियान उतना प्रभावी नहीं था। इसके विपरीत ABVP ने हॉस्टल की कमी, फीस संरचना और सुरक्षा जैसे मसलों पर छात्रों से लगातार संवाद किया।

इसके अलावा, ABVP ने सोशल मीडिया पर भी मजबूत कैंपेन चलाया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर छात्रों तक अपनी बात पहुंचाई। NSUI का प्रचार इस मामले में कमजोर साबित हुआ।

अब नया DUSU नेतृत्व छात्रों से जुड़े मुद्दों पर काम करेगा। हॉस्टल की कमी, बढ़ती फीस, और सुरक्षा जैसे मसले लंबे समय से छात्रों की चिंता रहे हैं। अध्यक्ष पद पर चुने गए आर्यन मान और उनकी टीम को इन मुद्दों पर ठोस कदम उठाने होंगे।

छात्रों की अपेक्षाएँ बड़ी हैं और यह देखना दिलचस्प होगा कि नया नेतृत्व इन उम्मीदों पर कितना खरा उतरता है।

DUSU Election Result 2025 ने एक बार फिर साबित कर दिया कि ABVP की पकड़ छात्रों के बीच मजबूत है। तीन सीटें जीतकर उन्होंने अपना वर्चस्व कायम किया है। वहीं NSUI को केवल उपाध्यक्ष पद से संतोष करना पड़ा।

यह चुनाव सिर्फ छात्रों के नेताओं की जीत या हार नहीं है, बल्कि यह दिल्ली विश्वविद्यालय की राजनीति और भविष्य की राष्ट्रीय राजनीति की दिशा भी तय करता है।

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