वाराणसी में ऐतिहासिक मुलाकात: भारत और मॉरीशस के बीच कई अहम समझौते, रिश्तों को मिला नया आयाम

वाराणसी, 11 सितंबर 2025 — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम का स्वागत किया। गंगा के किनारे हुई यह मुलाकात दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा देने वाली साबित हुई।

इस दौरान भारत और मॉरीशस ने मिलकर कई समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए, जिनका प्रत्यक्ष असर स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा और डिजिटल विकास जैसे क्षेत्रों पर दिखाई देगा। बैठक होटल ताज में आयोजित की गई, जहाँ दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग को और मज़बूत करने पर जोर दिया।

बैठक के दौरान जिन प्रमुख क्षेत्रों में सहमति बनी, वे इस प्रकार हैं:

  • स्वास्थ्य और शिक्षा — मेडिकल सुविधा एवं शैक्षिक आदान-प्रदान, छात्रवृत्तियाँ और संयुक्त शोध परियोजनाएँ।
  • विज्ञान और प्रौद्योगिकी — रिसर्च एवं इनोवेशन के साथ टेक्नोलॉजी साझेदारी।
  • ऊर्जा और अवसंरचना — विशेषकर नवीकरणीय ऊर्जा और ग्रीन प्रोजेक्ट्स पर सहयोग।
  • डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना — ई-गवर्नेंस, डिजिटल पेमेंट और साइबर सुरक्षा पहल।
  • ब्लू इकॉनमी — समुद्री संसाधनों के संरक्षण और समुद्री व्यापार में संयुक्त कदम।

रामगुलाम के आगमन पर वाराणसी की सड़कों और घाटों को विशेष रूप से सजाया गया। सफाई अभियान चलाया गया, झंडों से सजी सड़कों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ हुईं और स्थानीय लोग दोनों नेताओं का उल्लासपूर्वक स्वागत करते दिखे।

मॉरीशस और भारत के बीच ऐतिहासिक सांस्कृतिक रिश्ते हैं; मॉरीशस में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग रहते हैं। मार्च 2025 में घोषित “Enhanced Strategic Partnership” के बाद यह वाराणसी बैठक संबंधों की प्रगति का प्रतीक मानी जा रही है। बैठक ने भारत की Neighbourhood First रणनीति और MAHASAGAR Vision को भी बल दिया है।

दोनों देशों ने स्थानीय मुद्रा में व्यापार को बढ़ावा देने पर सहमति व्यक्त की — इससे डॉलर या यूरो पर निर्भरता कम होगी और द्विपक्षीय व्यापारनिवेश में सहूलियत आएगी। पीएम रामगुलाम ने भी वाराणसी और भारतवासियों की मेहमाननवाज़ी की प्रशंसा की और कहा कि यह अनुभव अविस्मरणीय रहेगा।

पीएम रामगुलाम ने भी वाराणसी और भारतवासियों की मेहमाननवाज़ी की प्रशंसा की और कहा कि यह अनुभव अविस्मरणीय रहेगा।

ये समझौते केवल कागज़ों पर सिमट कर नहीं रहेंगे। खासकर डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, ब्लू इकॉनमी और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में जमीन पर क्रियान्वयन से दोनों देशों के लिए टिकाऊ विकास के रास्ते खुलेंगे। क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के लिहाज से भी यह साझेदारी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

वाराणसी में हुई यह मुलाकात भारत और मॉरीशस के संबंधों की मजबूत नींव साबित होगी। जिन MoUs पर हस्ताक्षर हुए हैं, उनके धरातल पर उतरने से दोनों देशों के बीच सहयोग और समृद्धि को नई दिशा मिलेगी।

Share:

WhatsApp
Telegram
Facebook
Twitter
LinkedIn