यदि आपके नाम पर लंबित ट्रैफिक चालान हैं तो यह एक अच्छा मौका है — कम जुर्माने पर निपटारा या कुछ मामलों में माफ़ी मिल सकती है।
लोक अदालत क्या है?
लोक अदालत एक ऐसी व्यवस्था है जिसका मकसद छोटे-मोटे और लंबित मामलों का त्वरित, सुलभ और सस्ता निपटारा कराना है। इसे राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरणों के सहयोग से आयोजित किया जाता है।
इस बार फोकस — ट्रैफिक चालान
इस बार लोक अदालत में खास तौर पर ट्रैफिक चालानों पर ध्यान दिया जा रहा है। ऐसे कई छोटे उल्लंघनों पर राहत मिल सकती है जैसे:
- हेलमेट न पहनना
- गलत पार्किंग
- रेड लाइट उल्लंघन
- आवश्यक दस्तावेज़ न होना
आवेदन कैसे करें?
आप अपने जिले के संबंधित जिला या सत्र न्यायालय में जाकर आवेदन जमा कर सकते हैं। कई राज्यों में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी उपलब्ध रहती है। आवेदन के बाद आपको एक टोकन नंबर मिलता है — सुनवाई के दिन वह साथ रखना अनिवार्य होता है।
ज़रूरी दस्तावेज़
लोक अदालत में जाने से पहले निम्न दस्तावेज़ साथ रखें:
- चालान की कॉपी / नोटिस
- वाहन का रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र (RC)
- ड्राइविंग लाइसेंस
- पहचान पत्र (आधार / पैन आदि)
- यदि किसी चालान का पहले भुगतान हुआ है तो उसकी रसीद
दिल्ली के लिए विशेष सूचना
कुछ स्थानों (उदाहरण के लिए दिल्ली) में लोक अदालत के लिए ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग की व्यवस्था रहती है। स्लॉट सीमित होते हैं — इसलिए समय रहते पंजीकरण कर लेना बेहतर होगा।
सुनवाई आमतौर पर सरल और त्वरित होती है। लोक अदालत की बेंच मामले की सुनवाई कर एक रियायती राशि तय कर सकती है। यदि आप उस राशि को स्वीकार करते हैं और वहीं जमा कर देते हैं तो मामले को तुरंत बंद कर दिया जाता है और आपको रसीद मिलती है।
13 सितंबर 2025 एक अच्छा अवसर है अगर आपके ऊपर ट्रैफिक चालान लंबित हैं। दस्तावेज़ तैयार रखें, टोकन/स्लॉट की जानकारी समय से हासिल करें और लोक अदालत में जाकर अपना मामला सुलझाएँ।



