Brazil Vs Chile Live Score: माराकाना स्टेडियम, रियो डी जनेरियो में गुरुवार रात फुटबॉल प्रेमियों ने एक यादगार मुकाबला देखा, जब ब्राज़ील ने चिली को 2–1 से मात दी। यह सिर्फ जीत भर नहीं थी, बल्कि एक ऐतिहासिक लम्हा भी था क्योंकि ब्राज़ील के भरोसेमंद डिफेंडर मार्किन्होस ने अपने करियर का 100वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेला।
हालाँकि ब्राज़ील पहले ही फीफा विश्व कप 2026 के लिए क्वालीफाई कर चुका है, लेकिन टीम ने मैदान पर वही जुनून और दमखम दिखाया जिसके लिए वह जानी जाती है। दूसरी ओर, चिली, जो पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो चुका है, सम्मान बचाने के लिए उतरा था।
मार्किन्होस का ऐतिहासिक शतक
इस मैच का सबसे बड़ा आकर्षण मार्किन्होस रहे। कप्तान के तौर पर मैदान में उतरते ही साथियों ने उनके लिए गार्ड ऑफ ऑनर बनाया और स्टेडियम में बैठे दर्शक खड़े होकर उनका अभिनंदन करने लगे।
उन्होंने मैच से पहले कहा – “ब्राज़ील की जर्सी पहनना हर बार खास लगता है। आज 100वीं बार मैदान में उतरना मेरे लिए किसी सपने से कम नहीं है।”
ब्राज़ील की तेज़ शुरुआत
शुरुआत से ही ब्राज़ील ने दबदबा बनाए रखा। राफिन्हा और गैब्रिएल मार्टिनेली लगातार दबाव बनाते रहे, जबकि मिडफ़ील्ड में कैसिमिरो और ब्रूनो गुइमारेस ने खेल को नियंत्रित किया।
पहला गोल 25वें मिनट में आया, जब राफिन्हा ने दाईं ओर से बेहतरीन क्रॉस दिया और जाओ पेड्रो ने शानदार हेडर लगाकर गेंद को जाल में डाल दिया। स्कोर हुआ 1–0।
लेकिन हाफ़ टाइम से ठीक पहले चिली ने बराबरी कर ली। अलेक्ज़ेंडर अरावेना ने ब्राज़ील की डिफ़ेंस की गलती का फायदा उठाया और गोलकीपर एलिसन बेकर को मात देकर स्कोर 1–1 कर दिया।
दूसरे हाफ़ का रोमांच
दूसरे हाफ़ में पूरा दबदबा ब्राज़ील का रहा। टीम ने लगातार आक्रमण किए, लेकिन लॉरेंस विगोरू (चिली गोलकीपर) ने कई शानदार बचाव किए।
युवा खिलाड़ी एस्तेवाओ ने अपनी स्किल से सबको प्रभावित किया और मार्टिनेली ने भी रफ़्तार दिखाई, लेकिन गोल नहीं हो पा रहा था। दर्शकों में बेचैनी बढ़ती जा रही थी।
लुइज़ हेनरिक का कमाल
जब लग रहा था कि मैच ड्रॉ होगा, तभी 89वें मिनट में सबकुछ बदल गया। सब्स्टिट्यूट खिलाड़ी लुइज़ हेनरिक ने कैसिमिरो से पास पाकर शानदार शॉट लगाया और गेंद सीधे नेट के ऊपरी कोने में जा समाई।
स्टेडियम खुशी से गूंज उठा और ब्राज़ील ने आख़िरी पलों में मैच अपने नाम कर लिया। स्कोर रहा ब्राज़ील 2–1 चिली।
क्वालीफिकेशन में ब्राज़ील का दबदबा
इस जीत के बाद ब्राज़ील के 28 अंक हो गए और वह CONMEBOL तालिका में तीसरे स्थान पर मज़बूती से बना हुआ है। क्वालीफाई पहले ही कर लेने के बावजूद कोच दोरीवाल जूनियर टीम को लगातार नए प्रयोगों के साथ परख रहे हैं।
उन्होंने कहा – “जीत ज़रूरी है, लेकिन उससे भी ज़्यादा ज़रूरी है टीम को संतुलित बनाना। आज हमने भविष्य के लिए भी संकेत देखे और साथ ही मार्किन्होस का सम्मान किया।”
चिली की मुश्किलें
दूसरी ओर चिली का संकट गहराता जा रहा है। कभी 2015 और 2016 में लगातार कोपा अमेरिका जीतने वाली टीम अब लगातार नाकामियों से जूझ रही है। एलेक्सिस सांचेज़ और आर्टुरो विडाल जैसे सितारों के बाद नई पीढ़ी वैसा प्रभाव नहीं छोड़ पा रही है।
कोच रिकार्डो गरेरका ने हार मानने से इनकार करते हुए कहा – “हम संक्रमण के दौर में हैं। युवा खिलाड़ी मेहनती हैं लेकिन उन्हें समय चाहिए।”
भले ही यह जीत ब्राज़ील की क्वालीफिकेशन स्थिति को न बदल पाई हो, लेकिन यह मैच मार्किन्होस के करियर का सुनहरा अध्याय बन गया। उनकी 100वीं कैप पर मिली जीत ने स्टेडियम को जश्न में डुबो दिया।
यह मुकाबला याद दिलाता है कि ब्राज़ील सिर्फ़ कौशल और आक्रमण के लिए ही नहीं, बल्कि जज़्बे और निरंतरता के लिए भी जाना जाता है। वहीं चिली के लिए यह एक और सबक रहा कि उन्हें अपनी टीम को फिर से मज़बूत करने के लिए लंबा सफ़र तय करना होगा।



