पटना के मरीन ड्राइव पर आरजेडी नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री Tejashwi Yadav dance का वीडियो सोशल मीडिया पर धूम मचा रहा है। यह वीडियो उनकी बहन रोहिणी आचार्य ने साझा किया, जिसमें तेजस्वी युवाओं के साथ मस्ती के मूड में थिरकते नजर आ रहे हैं। डांस करते हुए उन्होंने हंसी-हंसी में यह तक कह दिया – “हम तो मोदी जी को भी नचाते हैं।”
वीडियो के सामने आते ही बिहार की राजनीति में नई हलचल मच गई है। एक तरफ समर्थक इसे तेजस्वी के युवाओं से जुड़ने का अनोखा तरीका बता रहे हैं, वहीं विरोधी दल इसे राजनीति की गंभीरता से हटकर एक गैर-जिम्मेदाराना हरकत बता रहे हैं।
वोटर अधिकार यात्रा के बाद डांस
यह घटना ऐसे समय हुई जब तेजस्वी यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ मिलकर 16 दिन लंबी वोटर अधिकार यात्रा पूरी की थी। यह यात्रा बिहार के अलग-अलग जिलों में चली, जिसका मकसद युवाओं को वोटिंग अधिकारों और लोकतंत्र की ताकत के प्रति जागरूक करना था।
यात्रा समाप्त होने के बाद तेजस्वी अपने कुछ समर्थकों और स्थानीय युवाओं के साथ पटना के मरीन ड्राइव पर पहुंचे। वहां देर रात उन्होंने डांस करते हुए एक छोटा सा रील बनाया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया।
सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया
- समर्थकों का मानना है कि यह उनका सादगी भरा और दिलचस्प पक्ष है। एक बड़े नेता का इस तरह युवाओं के साथ खुलकर नाचना उन्हें और नजदीक लाता है।
- वहीं आलोचकों ने सवाल उठाया कि सड़क पर देर रात रील बनाना, खासकर जब वह एक राजनीतिक शख्सियत हों, सुरक्षा और जिम्मेदारी दोनों की दृष्टि से उचित नहीं है।
बीजेपी का हमला
भाजपा प्रवक्ता अजय आलोक ने इस वीडियो को “अराजकता को बढ़ावा देने वाला” बताया। उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार नेता से ऐसी उम्मीद नहीं की जाती। उनके अनुसार, सार्वजनिक स्थल पर सड़क के बीचोंबीच डांस करना, यातायात और सुरक्षा नियमों की अनदेखी है। उन्होंने यहां तक कहा कि पुलिस को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए।
जीतन राम मांझी का दिलचस्प बयान
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री और हम पार्टी के नेता जीतन राम मांझी ने इस मामले को अलग ही नजरिए से देखा। उन्होंने कहा कि अगर यह दृश्य लालू राज के समय का होता तो युवाओं को “गुंडे उठा ले जाते।”
मांझी का कहना है कि आज अगर युवक और नेता खुलेआम मस्ती कर सकते हैं तो यह इस बात का सबूत है कि बिहार में कानून-व्यवस्था बेहतर हुई है।
तेजस्वी की सफाई और संदेश
तेजस्वी यादव ने बाद में इस घटना को लेकर सफाई देते हुए कहा कि उनका मकसद युवाओं के साथ जुड़ना और उनके सपनों व आकांक्षाओं को समझना है। उन्होंने कहा कि राजनीति सिर्फ भाषण और आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं होनी चाहिए।
उनके मुताबिक, यह डांस एक नई सोच और नए बिहार की उम्मीदों का प्रतीक है—जहां जाति और धर्म से ऊपर उठकर युवाओं की ऊर्जा और उमंग को महत्व दिया जाए।
राजनीति का नया रंग – सोशल मीडिया और रील कल्चर
आज की राजनीति में सोशल मीडिया की भूमिका बेहद अहम हो गई है। छोटे-छोटे वीडियो, रील और वायरल क्लिप्स नेता और जनता के बीच पुल का काम कर रहे हैं।
जहां परंपरागत राजनीति में नेताओं की गंभीर छवि सामने आती है, वहीं नई पीढ़ी उनसे कुछ अलग देखना चाहती है। शायद यही कारण है कि नेता अब कभी क्रिकेट खेलते हुए, कभी गाना गाते हुए और कभी डांस करते हुए जनता के बीच नजर आते हैं।
क्यों मायने रखता है यह वीडियो?
- युवा कनेक्ट – बिहार में बड़ी संख्या में युवा वोटर हैं। ऐसे में तेजस्वी का यह अंदाज उन्हें सीधे अपील करता है।
- राजनीतिक प्रतीकवाद – आलोचक इसे हल्कापन मानें या न मानें, लेकिन समर्थकों के लिए यह नई राजनीति का प्रतीक है।
- जिम्मेदारी बनाम सहजता – यह बहस भी अहम है कि क्या नेताओं को ऐसे पलों में भी सुरक्षा और सार्वजनिक शिष्टाचार का ध्यान रखना चाहिए या फिर उन्हें भी सामान्य इंसान की तरह अपनी खुशियां जीने का हक है।
तेजस्वी यादव का मरीन ड्राइव वाला डांस वीडियो केवल एक मनोरंजक क्लिप भर नहीं है। इसने बिहार की राजनीति में कई सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या नेता का यह रूप उनकी लोकप्रियता बढ़ाएगा या विपक्ष के हाथों में एक नया हथियार देगा?
फिलहाल, यह साफ है कि चुनावी माहौल में भी तेजस्वी ने अपनी सहजता और हंसमुख अंदाज से सुर्खियां बटोरी हैं। चाहे इसे राजनीतिक रणनीति मानें या व्यक्तिगत स्वाभाविकता, इतना तय है कि इस डांस ने बिहार की राजनीति को एक नया और हल्का-फुल्का रंग जरूर दिया है।



