JHARKHAND GNM-ANM प्रवेश परीक्षा परिणाम 2024 जारी, देखें काउंसिलिंग शेड्यूल

Jharkhand Nursing ANM GNM Admission

Jharkhand GNM-ANM प्रवेश परीक्षा परिणाम 2024 जारी। झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (JCECEB) ने राज्य के नर्सिंग और शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में नामांकन को लेकर एक अहम घोषणा की है। पर्षद ने हाल ही में जीएनएम (जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी) प्रवेश परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। यह परीक्षा 27 जुलाई को राज्य भर के विभिन्न केंद्रों पर आयोजित की गई थी। वहीं, एएनएम (ऑक्ज़ीलरी नर्सिंग एंड मिडवाइफरी) प्रवेश परीक्षा का परिणाम 29 अगस्त को जारी किया गया था। परिणाम जारी होने के साथ ही अब काउंसिलिंग का सिलसिला शुरू हो गया है।

जीएनएम-एएनएम में नामांकन की प्रक्रिया

पर्षद ने साफ कर दिया है कि जीएनएम और एएनएम दोनों पाठ्यक्रमों में नामांकन के लिए काउंसिलिंग की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो रही है। इसके लिए इच्छुक अभ्यर्थियों को पंजीकरण कर सीटों के विकल्प भरने होंगे। यह प्रक्रिया पांच सितंबर तक चलेगी। पंजीकरण के बाद अगर किसी छात्र को अपनी प्राथमिकताओं में बदलाव करना हो, तो उसके लिए संशोधन का अवसर भी दिया गया है। छात्र-छात्राएं छह सितंबर तक इसमें सुधार कर सकेंगे।

आवंटन की प्रक्रिया 8 सितंबर को होगी। इस दिन पर्षद सीटों का औपबंधिक आवंटन (Provisional Allotment) जारी करेगा। आवंटित संस्थान में नामांकन 9 से 12 सितंबर तक होगा। पर्षद का कहना है कि पहले राउंड की काउंसिलिंग के बाद जिन सीटों पर नामांकन नहीं होगा, उन्हें दूसरे राउंड में शामिल किया जाएगा।

दूसरे राउंड की काउंसिलिंग 13 सितंबर से प्रारंभ होगी। इसके बाद यदि सीटें खाली रहती हैं तो तीसरे राउंड की प्रक्रिया 22 सितंबर से शुरू की जाएगी। पर्षद ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस काउंसिलिंग के माध्यम से सभी सरकारी नर्सिंग संस्थानों में नामांकन होगा। साथ ही, निजी संस्थानों की 50 प्रतिशत मुक्त सीटों पर भी प्रवेश इसी प्रक्रिया से कराया जाएगा।

बीएड, एमएड और बीपीएड पाठ्यक्रमों के लिए काउंसिलिंग

नर्सिंग पाठ्यक्रमों के अलावा पर्षद ने शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों के लिए भी काउंसिलिंग कार्यक्रम घोषित कर दिया है। बीएड, एमएड और बीपीएड पाठ्यक्रमों में नामांकन के लिए पहली ऑनलाइन झारखंड GNM-ANM प्रवेश परीक्षा परिणाम 2024 जारी मंगलवार से शुरू होगी। इसके तहत पंजीकरण और सीट विकल्प भरने की प्रक्रिया छह सितंबर तक चलेगी।

सात और आठ सितंबर को छात्र अपनी पसंद में संशोधन कर सकेंगे। इसके बाद 11 सितंबर को पर्षद सीटों का आवंटन करेगा। चयनित अभ्यर्थियों को 12 से 16 सितंबर तक संबंधित संस्थानों में नामांकन कराना होगा। पर्षद ने यह भी कहा है कि पहले राउंड के बाद अगर सीटें रिक्त रह जाती हैं, तो अगले चरण की काउंसिलिंग का कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा।

छात्रों में उत्साह और उम्मीद

नतीजों और काउंसिलिंग की घोषणा के बाद अभ्यर्थियों में उत्साह का माहौल है। नर्सिंग और शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम राज्य में रोजगार और करियर निर्माण के बड़े अवसर माने जाते हैं। खासकर नर्सिंग क्षेत्र में युवाओं की रुचि लगातार बढ़ रही है क्योंकि सरकारी और निजी अस्पतालों में प्रशिक्षित नर्सों की मांग बनी रहती है।

रांची की एक अभ्यर्थी रीना कुमारी ने कहा,

“हम लोग लंबे समय से परिणाम का इंतजार कर रहे थे। अब जब काउंसिलिंग का शेड्यूल जारी हो गया है तो हम सभी अपने भविष्य को लेकर आश्वस्त महसूस कर रहे हैं।”

पर्षद की ओर से अपील

पर्षद ने छात्रों को सावधान रहने की सलाह भी दी है। सभी अभ्यर्थियों को केवल आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ही पंजीकरण और विकल्प भरने की अपील की गई है। पर्षद ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की असत्यापित जानकारी या निजी एजेंटों पर भरोसा करना छात्रों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

राज्य में शिक्षा और स्वास्थ्य के अवसर

झारखंड सरकार ने हाल के वर्षों में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार की दिशा में कई कदम उठाए हैं। नर्सिंग और शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों के लिए पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया इसी पहल का हिस्सा है। काउंसिलिंग प्रक्रिया के डिजिटल होने से छात्रों को काफी सुविधा भी मिल रही है। अब छात्रों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की बजाय घर बैठे ऑनलाइन पंजीकरण और विकल्प भरने की सुविधा मिल रही है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले समय में झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और शिक्षा का स्तर और बेहतर होगा। इसके पीछे कारण है कि नर्सिंग और शिक्षक प्रशिक्षण में हर साल बड़ी संख्या में योग्य अभ्यर्थियों का चयन हो रहा है।

झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद द्वारा घोषित काउंसिलिंग कार्यक्रम राज्य के हजारों छात्रों के लिए करियर की दिशा तय करने वाला साबित होगा। जीएनएम, एएनएम, बीएड, एमएड और बीपीएड जैसे पाठ्यक्रम न केवल युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करते हैं, बल्कि राज्य की शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को भी मजबूती देते हैं।

अब देखना यह होगा कि पहली काउंसिलिंग के बाद कितनी सीटें भरती हैं और आगे के राउंड में कितने छात्रों को मौका मिलता है। फिलहाल अभ्यर्थियों की नजरें 8 सितंबर और 11 सितंबर पर टिकी हैं, जब क्रमशः नर्सिंग और शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों के लिए सीट आवंटन होगा।

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