नई दिल्ली : पीएम मोदी की चीन यात्रा में आकर्षण का केंद्र बनी Hongqi L5 Limousine, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों चीन के दौरे पर हैं, जहां वे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे हैं। उनकी इस यात्रा के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा में रही चीन की लग्जरी और हाई-सेक्योरिटी कार Hongqi L5। यही वह लिमोज़ीन है जिसका इस्तेमाल चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी करते हैं। 2019 में महाबलीपुरम यात्रा के समय शी जिनपिंग इसी कार में दिखे थे, ऐसे में पीएम मोदी का इसमें सफर करना स्वाभाविक रूप से सुर्खियाँ बटोरता है।

ब्रांड की विरासत: 1958 से शाही पहचान
Hongqi—चीनी भाषा में जिसका अर्थ “रेड फ्लैग” होता है—की शुरुआत 1958 में हुई। शुरुआती दौर में ये कारें केवल कम्युनिस्ट पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के लिए आरक्षित थीं। माओत्से तुंग के समय में Hongqi चीन की प्रतिष्ठा का पर्याय बन गई। 1981 में उत्पादन कुछ समय के लिए थम गया, लेकिन 1990 के दशक में ब्रांड की वापसी हुई।
2018 में FAW (First Automobile Works) ने Hongqi को आधुनिक डिजाइन, उन्नत तकनीक और “मेड इन चाइना लग्जरी” पहचान के साथ दोबारा स्थापित किया। इसके बाद बिक्री में तेज़ उछाल देखा गया—2018 की 33,000 यूनिट से बढ़कर 2021 में 3 लाख के पार और 2024 में रिपोर्ट्स के अनुसार 4.11 लाख यूनिट्स तक। यह सफर बताता है कि Hongqi अब चीन के लग्जरी सेगमेंट में मजबूती से खड़ा है।
इंजन और परफॉर्मेंस: दमदार V12 की ताकत
Hongqi L5 का दिल है इसका 6.0-लीटर V12 पेट्रोल इंजन जो 400 हॉर्सपावर से अधिक की शक्ति देता है। यह लिमोज़ीन लगभग 8.5 सेकंड में 0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ लेती है, जबकि टॉप स्पीड करीब 210 किमी/घंटा बताई जाती है।
लंबाई में यह कार 5.5 मीटर से अधिक और वजन में 3 टन से ज्यादा है। इतने बड़े आयामों और वजन के बावजूद इसकी राइड क्वालिटी स्मूद रहती है। इसे खास तौर पर लंबे, शांत और सुरक्षित सफर के लिए इंजीनियर किया गया है, जहां पावर, स्थिरता और शोर-रहित केबिन एक साथ मिलते हैं।
इंटीरियर और लग्जरी: शाही आराम का अनुभव
कैबिन में कदम रखते ही लक्ज़री का एहसास होता है—प्रिमियम लेदर अपहोल्स्ट्री, वुड ट्रिम और सांस्कृतिक स्पर्श देने वाले जेड (Jade) इनले इसकी पहचान हैं। पीछे की सीटें बेहद चौड़ी हैं और दीर्घ यात्रा के लिए अनुकूलित हैं।
- पिछली सीटों में मसाज, हीटिंग और वेंटिलेशन की सुविधा
- उन्नत एंटरटेनमेंट स्क्रीन और टच-आधारित कंट्रोल
- एडाप्टिव क्रूज़ कंट्रोल, पार्किंग सेंसर और 360° कैमरा
- शोर-नियंत्रित केबिन और उत्कृष्ट सस्पेंशन सेटअप
इन सबके साथ L5 केवल सवारी नहीं, बल्कि चलते-फिरते मीटिंग रूम जैसा अनुभव देती है—जहां आराम और एकाग्रता दोनों बने रहते हैं।
सुरक्षा: चलता-फिरता किला
चूंकि यह वाहन शीर्ष नेताओं की आधिकारिक सवारी है, सुरक्षा इसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। L5 में बुलेटप्रूफ ग्लास, रन-फ्लैट/बुलेटप्रूफ व्हील्स और अंदरूनी आर्मर प्लेटिंग जैसी उन्नत सुरक्षा परतें मिलती हैं। साथ ही, इंटीग्रेटेड कम्युनिकेशन सिस्टम और सतत निगरानी के लिए आवश्यक हार्डवेयर इसे उच्च जोखिम वाली परिस्थितियों में भी विश्वसनीय बनाते हैं।
कीमत और पोज़िशनिंग: चीन की सबसे महंगी प्रोडक्शन कार
Hongqi L5 की कीमत लगभग 5 मिलियन युआन (करीब 7 करोड़ रुपये) बताई जाती है। यही कारण है कि इसे चीन की सबसे महंगी प्रोडक्शन कारों में गिना जाता है। इस प्राइस ब्रैकेट में यह सिर्फ लग्जरी नहीं, बल्कि राष्ट्र-स्तर की प्रोटोकॉल कार के रूप में अपनी पहचान बनाती है—जिसे प्रायः राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या उच्च पदस्थ गणमान्य लोगों की आधिकारिक सवारी के रूप में देखा जाता है।
कूटनीतिक संकेत: मेहमान-नवाज़ी और प्रतिष्ठा
पीएम मोदी का Hongqi L5 में सफर केवल आराम और सुरक्षा की बात नहीं है; यह कूटनीतिक संदेश भी देता है। चीन अपने सबसे सम्मानित मेहमानों को वही सुविधा देता है जो वह अपने राष्ट्रपति को देता है—यह बात आपसी सम्मान और प्रोटोकॉल की मजबूती को दर्शाती है। साथ ही, SCO जैसे मंच पर भारत के प्रधानमंत्री का L5 में दिखना इस क्षेत्रीय मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका का भी संकेत है।
सार रूप में, Hongqi L5 सिर्फ एक लग्जरी लिमोज़ीन नहीं, बल्कि चीन की तकनीकी क्षमता, सांस्कृतिक विरासत और सुरक्षा मानकों का सम्मिलित प्रतीक है। दमदार V12 इंजन, उत्कृष्ट केबिन कम्फर्ट, अत्याधुनिक सुरक्षा और शाही उपस्थिति इसे दुनिया की विशिष्ट कारों की सूची में शुमार करते हैं। पीएम मोदी की चीन यात्रा के दौरान इस कार में उनका सफर चर्चा में रहा, जो सुरक्षा, आराम और कूटनीतिक महत्व का संतुलित मेल दिखाता है।



