पटना में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की मतदाता अधिकार यात्रा का समापन:सोमवार को पटना का गांधी मैदान और डाकबंगला चौराहा राजनीति के रंग में रंग गया। 16 दिनों से बिहार के विभिन्न जिलों में निकाली जा रही मतदाता अधिकार यात्रा का समापन पटना में हुआ। इस मौके पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे मंच साझा करते दिखे। महागठबंधन ने इसे सिर्फ यात्रा का समापन नहीं बल्कि चुनाव से पहले अपनी ताक़त दिखाने का अवसर बना दिया।
गांधी प्रतिमा पर पुष्पांजलि से शुरुआत
यात्रा के अंतिम दिन राहुल गांधी सुबह गांधी मैदान पहुंचे और वहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उनके साथ महागठबंधन के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। इसके बाद जुलूस की शक्ल में कार्यकर्ता और नेता अंबेडकर चौक की ओर बढ़े।
खरगे की मौजूदगी ने बढ़ाया महत्व
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के शामिल होने से यह कार्यक्रम और भी अहम हो गया। जैसे ही उनका विमान पटना एयरपोर्ट पर उतरा, प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और अन्य नेताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। खरगे की मौजूदगी ने साफ संकेत दिया कि कांग्रेस बिहार में संगठन को लेकर गंभीर है और आगामी चुनाव में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतना चाहती।
प्रशासन ने रोका, डाकबंगला चौराहा बना सभा स्थल
जिला प्रशासन ने हाई कोर्ट के पास अंबेडकर चौक तक यात्रा को अनुमति नहीं दी। इसलिए महागठबंधन ने शहर के सबसे व्यस्त डाकबंगला चौराहे पर बड़ा मंच बनाया। यहीं से राहुल गांधी, खरगे और तेजस्वी यादव ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर चौराहे को चारों ओर से घेर दिया था और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
कार्यकर्ताओं का जनसैलाब
सुबह से ही कार्यकर्ताओं का हुजूम डाकबंगला चौराहे पर उमड़ने लगा था। कांग्रेस और राजद के झंडों से पूरा इलाका भर गया। वामपंथी दलों के समर्थक भी यहां पहुंचे। महिलाओं और युवाओं की भागीदारी ने माहौल को और उत्साही बना दिया। मंच से नारेबाजी और गीतों के जरिए कार्यकर्ताओं ने अपने नेताओं का स्वागत किया।
यात्रा का मकसद
‘मतदाता अधिकार यात्रा’ का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची में गड़बड़ियों और नाम काटे जाने की समस्या को उजागर करना था। यात्रा के दौरान राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने ग्रामीण और शहरी इलाकों का दौरा कर लोगों से बातचीत की। राहुल गांधी ने सभा में कहा, “मतदान हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। गरीब और पिछड़े वर्गों के नाम सूची से गायब होना लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है।”
तेजस्वी यादव ने बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दे उठाते हुए कहा, “बिहार का नौजवान आज भी नौकरी और रोजगार के लिए संघर्ष कर रहा है। महागठबंधन का मकसद सिर्फ मतदाता अधिकार की रक्षा करना नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और आर्थिक बराबरी की लड़ाई लड़ना भी है।”
चुनावी शक्ति प्रदर्शन
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस यात्रा का पटना में भव्य समापन लोकसभा चुनाव से पहले महागठबंधन का शक्ति प्रदर्शन है। भीड़ की मौजूदगी ने यह संदेश देने का काम किया कि विपक्ष चुनावी मोड में आ चुका है। राहुल गांधी और खरगे की उपस्थिति से कांग्रेस ने भी अपने इरादे साफ कर दिए।
सुरक्षा और निगरानी
सभा स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। ड्रोन कैमरे से निगरानी रखी जा रही थी। मंच के आस-पास पुलिस और एसपीजी का सुरक्षा घेरा था। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जगह-जगह बैरिकेड लगाए गए।
जनता से सीधा संवाद
सभा में राहुल गांधी और खरगे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। राहुल ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमला हो रहा है और विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने मताधिकार को बचाने के लिए सतर्क रहें।
महागठबंधन अब इसे आगे बढ़ाते हुए बड़े पैमाने पर प्रचार अभियान शुरू करेगा। राहुल गांधी ने इशारा किया कि आने वाले दिनों में बिहार में जनसभाओं की श्रृंखला आयोजित होगी। तेजस्वी यादव ने भी कहा कि बेरोजगारी और किसानों की समस्या को लेकर महागठबंधन आंदोलन छेड़ेगा।
पटना में मतदाता अधिकार यात्रा का समापन महागठबंधन के लिए बड़ा राजनीतिक संदेश लेकर आया। राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और मल्लिकार्जुन खरगे ने एकजुट होकर सत्ता पक्ष को चुनौती देने का संकेत दिया। आने वाले चुनाव में इसका कितना असर दिखेगा, यह तो वक्त बताएगा, लेकिन सोमवार को पटना का नजारा इस बात का सबूत रहा कि विपक्ष ने जनता के बीच पैठ बनाने की तैयारी तेज कर दी है।



