नई दिल्ली: बिहार में चल रहे विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) के तहत Bihar voter list 2025 को अपडेट करने का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। चुनाव आयोग ने संकेत दिया है कि इस प्रक्रिया के बाद जिन लोगों के नाम अंतिम सूची में शामिल होंगे, उन्हें नया वोटर कार्ड जारी किया जाएगा। आयोग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि औपचारिक निर्णय 30 सितंबर को अंतिम सूची प्रकाशित होने के बाद लिया जाएगा।
1 सितंबर तक दावे और आपत्तियों की समयसीमा
ड्राफ्ट मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि 1 सितंबर शाम 5 बजे थी। आयोग के मुताबिक इस अवधि में हजारों आपत्तियां मिलीं। दिलचस्प बात यह रही कि सबसे ज्यादा आपत्तियां सूची से नाम हटाने को लेकर सामने आईं।
राजनीतिक दलों ने भी दर्ज कराई आपत्तियां
आयोग की रिपोर्ट बताती है कि राजनीतिक दलों ने भी इस बार आपत्तियां दर्ज कराईं। सीपीआई (एमएल) और राजद (RJD) की ओर से कुल 128 आपत्तियां दर्ज की गईं। इनमें से 103 आपत्तियां नाम हटाने को लेकर थीं, जबकि केवल 25 आपत्तियां नाम जोड़ने के लिए दी गईं।
सिर्फ राजनीतिक दल ही नहीं, आम मतदाताओं ने भी बड़ी संख्या में आपत्तियां दर्ज कराईं। आयोग के आंकड़ों के अनुसार अब तक 2.40 लाख आपत्तियां आईं।
इनमें से 2.07 लाख आपत्तियां नाम हटाने की थीं।
वहीं 33 हजार आपत्तियां नाम जोड़ने से संबंधित थीं।
आयोग ने अब तक करीब 38 हजार आपत्तियों का निस्तारण कर दिया है।
नए मतदाताओं में उत्साह
इस बार खासतौर पर पहली बार वोटर बनने वाले युवाओं में उत्साह देखा जा रहा है। आयोग के मुताबिक अब तक 15.32 लाख लोगों ने नए वोटर के रूप में आवेदन किया है। इनमें ज्यादातर वे युवा हैं जो अक्टूबर 2025 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर लेंगे। आयोग ने इनमें से 81 हजार आवेदनों का निस्तारण भी कर दिया है।
- चुनाव आयोग की योजना है कि अंतिम मतदाता सूची के आधार पर सभी पात्र मतदाताओं को नया वोटर कार्ड उपलब्ध कराया जाए।
- इससे पुराने कार्ड में धुंधली फोटो और गलत जानकारी की समस्या खत्म होगी।
- नए कार्ड अधिक सुरक्षित और अपडेटेड होंगे।
- डिजिटल विकल्प e-EPIC को भी बढ़ावा मिलेगा।
अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 30 सितंबर 2025 को किया जाएगा। इसके बाद नए वोटर कार्ड जारी करने की प्रक्रिया शुरू होगी। यह काम चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा ताकि हर मतदाता तक समय पर नया कार्ड पहुंच सके।



