PM Modi ने King Charles 3 को गिफ्ट किया Handkerchief Tree

King Charles

PM Modi ने UK के King Charles को Handkerchief Tree गिफ्ट किया। यह gesture ‘Ek Ped Maa Ke Naam’ अभियान और Indo-UK relations का प्रतीक है।

लंदन/नई दिल्ली, सितम्बर 2025 – जब कोई नेता किसी दूसरे देश के प्रमुख को गिफ्ट देता है, तो उसमें सिर्फ शिष्टाचार नहीं छिपा होता, बल्कि गहरी सोच और संदेश भी होते हैं। ऐसा ही नज़ारा देखने को मिला ब्रिटेन की यात्रा पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के सम्राट King Charles III की मुलाकात में। इस खास मौके पर पीएम मोदी ने किंग चार्ल्स को एक अनोखा पौधा भेंट किया – Handkerchief Tree।

क्यों खास है ये Tree?

Handkerchief Tree, जिसे लोग Dove Tree भी कहते हैं, अपनी खूबसूरती और दुर्लभता के लिए जाना जाता है। इसके बड़े सफेद फूल दूर से देखने पर ऐसे लगते हैं जैसे कोई सफेद रूमाल पेड़ पर टंगा हो या कबूतर उड़ रहे हों। यही वजह है कि इसे शांति और उम्मीद का प्रतीक माना जाता है।

King Charles इसे अपने Sandringham Estate में लगवाएँगे। यह ब्रिटिश शाही परिवार की निजी संपत्ति है और किंग चार्ल्स की environmental activities के लिए मशहूर है। जो लोग उन्हें जानते हैं, वे जानते हैं कि चार्ल्स हमेशा से nature और organic farming को लेकर passionate रहे हैं। ऐसे में यह गिफ्ट उनके दिल के बहुत करीब माना जा रहा है।

‘Ek Ped Maa Ke Naam’ से जुड़ा गहरा संदेश

इस गिफ्ट का एक और पहलू है – यह सिर्फ पौधा नहीं, बल्कि भारत के अभियान ‘Ek Ped Maa Ke Naam’ का हिस्सा है। इस अभियान की शुरुआत 2024 में हुई थी। विचार बेहद सरल है – हर व्यक्ति अपनी माँ के सम्मान में एक पेड़ लगाए।

यह एक ऐसा कॉन्सेप्ट है जिसमें पेड़ लगाने की जिम्मेदारी को भावनात्मक स्पर्श दिया गया है। माँ की ममता और धरती माँ के संरक्षण को जोड़ते हुए यह अभियान लोगों को ज़िम्मेदारी का अहसास कराता है।

जब पीएम मोदी ने यह पौधा King Charles को दिया, तो यह संदेश साफ था कि यह पहल सिर्फ भारत तक सीमित नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए है।

Environmental Vision में समानता

यह कोई संयोग नहीं है कि यह गिफ्ट किंग चार्ल्स को दिया गया। चार्ल्स लंबे समय से पर्यावरण, जैव विविधता और sustainable farming के सबसे बड़े पैरोकार रहे हैं। जब लोग इन विषयों पर चर्चा भी नहीं करते थे, तब उन्होंने organic farming और climate change पर आवाज़ उठाई थी।

दूसरी तरफ, प्रधानमंत्री मोदी ने भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बार-बार यह दिखाया है कि भारत climate action में गंभीर है। Paris Agreement में भारत की भूमिका, International Solar Alliance की पहल और देशभर में चलाए गए बड़े tree plantation drives इसका उदाहरण हैं।

दोनों नेताओं की सोच में यही साझा पहलू है – धरती की सुरक्षा केवल एक सरकारी काम नहीं, बल्कि हर इंसान की जिम्मेदारी है।

Gift का Symbolism

डिप्लोमैटिक गिफ्ट्स को हमेशा खास नजर से देखा जाता है। वे सिर्फ गिफ्ट नहीं, बल्कि संदेश होते हैं। पेड़ का पौधा तो खासकर और भी अर्थपूर्ण है। यह बढ़ता है, जड़ें जमाता है, और आने वाली पीढ़ियों के लिए छाया और ऑक्सीजन देता है।

Handkerchief Tree के फूल कबूतर जैसे लगते हैं, और कबूतर का मतलब है शांति। यानी यह गिफ्ट सिर्फ Indo-UK friendship को मजबूत नहीं करता, बल्कि पूरी दुनिया को यह मैसेज देता है कि शांति और सहयोग ही असली रास्ता है।

Green Diplomacy की मिसाल

पिछले कुछ सालों में Green Diplomacy यानी पौधों और पेड़ों के जरिए रिश्ते मजबूत करने का चलन बढ़ा है। दुनिया के कई नेता saplings गिफ्ट कर चुके हैं। Barack Obama से लेकर Emmanuel Macron तक, सभी ने nature से जुड़े symbols को diplomacy में इस्तेमाल किया है।

भारत भी इस राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। मोदी का यह कदम दिखाता है कि हमारी संस्कृति और values को हम आधुनिक diplomacy के साथ खूबसूरती से जोड़ रहे हैं।

Indo-UK Relations को मिलेगा नया आयाम

Sandringham Estate में लगाया जाने वाला यह पेड़ समय के साथ बढ़ेगा और Indo-UK relations की गवाही देगा। यह सिर्फ एक पौधा नहीं होगा, बल्कि भारत और ब्रिटेन के shared values और shared goals का जीता-जागता उदाहरण बनेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस symbolic gesture से आगे चलकर practical cooperation भी बढ़ेगा – जैसे renewable energy, sustainable development, biodiversity protection और climate change solutions।

PM Modi का यह गिफ्ट साफ दिखाता है कि diplomacy सिर्फ समझौतों और दस्तावेज़ों की भाषा में नहीं होती। कभी-कभी एक पौधा भी रिश्तों को उतना ही मजबूत कर सकता है जितना कोई बड़ा समझौता।

Handkerchief Tree ब्रिटेन की धरती पर अपनी जड़ें जमाएगा और आने वाले सालों तक यह याद दिलाता रहेगा कि जब भारत और ब्रिटेन ने मिलकर nature और peace का संदेश दुनिया को दिया था।

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