दरभंगा, बिहार।Mai-Bahan Yojana Scam
बिहार की राजनीति में इन दिनों एक नया विवाद सुर्खियों में है। दरभंगा जिले में पूर्व उपमुख्यमंत्री और राजद (RJD) नेता तेजस्वी यादव समेत कई नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि ‘माई-बहन योजना’ (Mai Bahan Yojana) के नाम पर हजारों महिलाओं और गरीब परिवारों से पैसे वसूले गए। इस खबर के सामने आते ही राज्य की राजनीति में जबरदस्त हलचल मच गई है और सत्ताधारी दल से लेकर विपक्ष तक हर कोई इस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहा है।
‘Mai-Bahan Yojana Scam’ क्या थी?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह योजना महिलाओं और गरीब परिवारों को आकर्षित करने के लिए चलाई गई थी। प्रचार में दावा किया गया कि इस योजना से जुड़ने पर महिलाओं को रोजगार, आर्थिक मदद और सरकारी लाभ सीधे मिलेंगे। योजना के प्रचारक गांव-गांव जाकर बताते थे कि यह पहल सीधे राजद के नेतृत्व से जुड़ी है। इसी भरोसे में लोग शामिल हो गए और उनसे रजिस्ट्रेशन फीस और अन्य शुल्क वसूले गए।
कई महिलाओं ने पुलिस को बताया कि उन्हें कहा गया था कि रजिस्ट्रेशन के बाद उन्हें हर महीने आर्थिक मदद मिलेगी और बेटियों की पढ़ाई के लिए विशेष अनुदान मिलेगा। लेकिन समय बीतने पर कोई लाभ नहीं मिला और उन्हें एहसास हुआ कि उनके साथ ठगी हो गई है।

FIR कैसे दर्ज हुई?
दरभंगा जिले के कई गांवों की महिलाओं और परिवारों ने एक साथ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में साफ कहा गया कि पैसे वसूलने के बाद कोई योजना नहीं चलाई गई और यह सब सिर्फ चुनावी राजनीति से जोड़कर किया गया। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तेजस्वी यादव समेत कई RJD नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस जांच कर रही है कि इस पूरे मामले में किस स्तर तक नेताओं की भूमिका है और किसने पैसे वसूले
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बीजेपी का तीखा हमला
इस FIR के बाद बीजेपी नेताओं ने राजद पर सीधा हमला बोला है। बीजेपी का कहना है कि यह गरीबों और महिलाओं के साथ धोखा है। पार्टी प्रवक्ताओं ने कहा कि जो नेता गरीबों की राजनीति करते हैं, वे अब उन्हीं से ठगी कर रहे हैं। बीजेपी ने तेजस्वी यादव से सार्वजनिक माफी मांगने और जांच पूरी होने तक राजनीति से दूर रहने की भी मांग की है।
राजद की सफाई और तेजस्वी यादव की प्रतिक्रिया
राजद ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी का कहना है कि यह मामला पूरी तरह से राजनीतिक साजिश है। तेजस्वी यादव ने मीडिया से कहा:
“राजद ने हमेशा गरीबों और वंचितों की आवाज उठाई है। अगर किसी ने हमारे नाम का इस्तेमाल कर ठगी की है, तो उसका पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है। यह सब हमारी छवि खराब करने और चुनाव से पहले जनता को गुमराह करने की कोशिश है।”
राजद का दावा है कि विपक्ष जानबूझकर इस मुद्दे को हवा दे रहा है ताकि चुनावी माहौल में उनकी पकड़ कमजोर हो सके।
जनता की निराशा और गुस्सा
दरभंगा के गांवों में महिलाओं और गरीब परिवारों का गुस्सा साफ झलक रहा है। कई महिलाओं ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे नेताओं के नाम पर भरोसा कर बैठीं और अपनी बचत तक गंवा दी। अब वे चाहती हैं कि उनके पैसे वापस मिलें और जिम्मेदार लोगों को सख्त सजा मिले। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी योजनाएं पहले भी आती रही हैं लेकिन पहली बार किसी बड़े नेता का नाम इस तरह सीधे तौर पर जुड़ा है।
चुनावी समीकरण पर असर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ‘Mai-Bahan Yojana Scam’ आने वाले बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में बड़ा मुद्दा बन सकता है। बीजेपी और जेडीयू इस FIR का फायदा उठाकर राजद पर लगातार हमले कर सकती हैं। वहीं, राजद इसे षड्यंत्र बताकर जनता से सहानुभूति बटोरने की कोशिश करेगी।
अगर यह मामला लंबा खिंचता है तो राजद को अपने संगठन और नेतृत्व पर गंभीर सवालों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, विपक्ष इसे गरीबों और महिलाओं के सम्मान से जोड़कर चुनावी प्रचार में इस्तेमाल करेगा।
दरभंगा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच तेजी से की जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह पता लगाया जा रहा है कि योजना के नाम पर किस तरह पैसों का लेन-देन हुआ और नेताओं की इसमें कितनी सीधी भूमिका रही। अगर जांच में सबूत मिले तो बड़े नेताओं पर भी कार्रवाई हो सकती है।
‘Mai-Bahan Yojana Scam’ ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। एक ओर इसे गरीबों और महिलाओं के साथ धोखा बताया जा रहा है, तो दूसरी ओर राजद इसे चुनावी साजिश मान रही है। सच्चाई चाहे जो भी हो, लेकिन इतना तय है कि यह मामला आने वाले महीनों में बिहार की राजनीति की दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है।



