अमेरिकी संसद के बाहर TRUMP की 12 फुट ऊंची सुनहरी मूर्ति: क्रिप्टोकॉइन का प्रतीक

अमेरिकी संसद के बाहर TRUMP की 12 फुट ऊंची सुनहरी मूर्ति: क्रिप्टोकॉइन का प्रतीक

TRUMP: वाशिंगटन डी.सी. में अमेरिकी संसद भवन (यूएस कैपिटल) के बाहर हाल ही में 12 फुट ऊंची सुनहरी मूर्ति का अनावरण हुआ। यह मूर्ति पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दर्शाती है, जो मुस्कुराते हुए एक हाथ में बिटकॉइन पकड़े हुए हैं। इसे डिजिटल मुद्रा और क्रिप्टोकॉइन के प्रति ट्रंप के समर्थन का प्रतीक माना जा रहा है।

मूर्ति का अनावरण और उद्देश्य

मूर्ति का अनावरण 17 सितंबर 2025 को 3rd स्ट्रीट पर किया गया। इसे क्रिप्टोकॉइन निवेशकों के एक समूह ने वित्तपोषित किया है। उनका उद्देश्य सिर्फ TRUMP की प्रशंसा नहीं, बल्कि डिजिटल संपत्तियों और मौद्रिक नीतियों पर बहस को बढ़ावा देना भी है। मूर्ति एक ऐसा प्रतीक है जो अमेरिका में क्रिप्टोकॉइन के भविष्य और वैश्विक महत्व को उजागर करता है।

फेडरल रिजर्व की ब्याज दर और मूर्ति का समय

मूर्ति का अनावरण उस समय हुआ जब फेडरल रिजर्व ने अपनी मुख्य ब्याज दर में 25 बेसिस प्वॉइंट की कटौती की घोषणा की। यह दिसंबर 2024 के बाद पहली कटौती थी, जिससे शॉर्ट-टर्म ब्याज दर 4.3% से घटकर लगभग 4.1% हो गई। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस कदम से डिजिटल मुद्रा और क्रिप्टोकॉइन निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

केंद्रीय बैंक ने इस वर्ष और दो कटौतियों की योजना बनाई है, जबकि 2026 में केवल एक कटौती की संभावना है। मूर्ति निवेशकों के लिए एक संकेत है कि डिजिटल संपत्ति और क्रिप्टोकॉइन अब केवल निवेश के साधन नहीं, बल्कि वित्तीय नीति का हिस्सा भी बन गए हैं।

सार्वजनिक प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर मूर्ति की तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं। ट्रंप समर्थक इसे ऐतिहासिक पल मान रहे हैं, जबकि आलोचक इसे विवादास्पद मानते हैं। हालांकि, मूर्ति का मुख्य संदेश स्पष्ट है: डिजिटल मुद्रा का भविष्य अमेरिकी अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है और यह नीति निर्माताओं और निवेशकों दोनों के लिए संकेत है।संयोग नहीं था कि इस मूर्ति को ठीक उस दिन लगाया गया, जब फेडरल रिज़र्व ने 0.25% की ब्याज दर कटौती की घोषणा की।
आयोजकों का कहना था कि इस फैसले से यह स्पष्ट होता है कि पारंपरिक वित्तीय ढांचे संकट में हैं, और क्रिप्टो जैसी वैकल्पिक मुद्राओं की जरूरत पहले से कहीं ज़्यादा है।

मूर्ति का प्रदर्शन एक तरह से उस विश्वास की अभिव्यक्ति थी जो कई युवा निवेशक और तकनीकी समुदाय सरकार की मौद्रिक नीतियों से बाहर निकलकर स्वतंत्र, विकेन्द्रीकृत (decentralized) वित्तीय तंत्र में देख रहे हैं।

ट्रंप और क्रिप्टोकॉइन

पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने कार्यकाल और उसके बाद डिजिटल मुद्रा के प्रति समर्थन जताया। उन्होंने विभिन्न नीतियों और पहलों के माध्यम से क्रिप्टोकॉइन के लिए रास्ता आसान किया। ‘GENIUS Act’ जैसी पहलें डिजिटल संपत्ति के लिए नियामक ढांचा और निवेश के अवसर प्रदान करती हैं।मूर्ति को लेकर आयोजकों का कहना था कि यह एक तरह का “सोशल कमेंट्री” है – एक सवाल, एक बयान और शायद एक चेतावनी भी।

डिजिटल मुद्राओं की दुनिया में पिछले कुछ वर्षों में जबरदस्त हलचल रही है। बिटकॉइन, एथेरियम और तमाम मीम कॉइन जैसे “Pump.fun” टोकन अब केवल इंटरनेट के शौकीन लोगों तक सीमित नहीं हैं। ये अब अमेरिकी राजनीति के विमर्श में भी घुस चुके हैं।

ट्रंप का दृष्टिकोण स्पष्ट है कि डिजिटल संपत्ति केवल निवेश का माध्यम नहीं, बल्कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा हैं। उनकी नीतियों और सार्वजनिक समर्थन के कारण यह मूर्ति डिजिटल मुद्रा की बढ़ती लोकप्रियता का प्रतीक बन गई है।

अमेरिकी संसद भवन के बाहर ट्रंप की 12 फुट ऊंची सुनहरी मूर्ति न केवल उनके समर्थन का प्रतीक है, बल्कि डिजिटल संपत्ति और क्रिप्टोकॉइन के भविष्य पर बहस का केंद्र भी है। यह मूर्ति दर्शाती है कि अमेरिका में डिजिटल मुद्रा को गंभीरता से लिया जा रहा है और इसका वैश्विक महत्व लगातार बढ़ रहा है।

सोशल मीडिया और निवेश समुदाय में इस मूर्ति को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। यह मूर्ति निवेशकों और जनता को डिजिटल मुद्रा और क्रिप्टोकॉइन के महत्व के बारे में सोचने और समझने के लिए प्रेरित करती है। अंततः, यह मूर्ति डिजिटल मुद्रा को अमेरिकी वित्तीय परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाने की दिशा में प्रतीकात्मक कदम है।

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