NOBEL PRIZE IN ECONOMICS 2025
NOBEL PRIZE IN ECONOMICS 2025 के अर्थव्यवस्था के नोबेल पुरस्कार की घोषणा स्वीडन के royal academy of Sciences द्वारा कर दी गई है। इस बार यह पुरस्कार तीन अर्थशास्त्रीयो को दिया जाएगा जिनमें पहले है:-
1. Joel Mokyr
2. Philippe Aghion
3. Peter Howitt
तीनों को संयुक्त रूप से दिया गया हैं। इन तीनों को यह पुरस्कार “नवाचार आधारित आर्थिक विकास” ( innovation driven economic growth) और “रचनात्मक विनाश” ( creative distruction) के थ्योरी पर उनके extraordinary contribution (असाधारण योगदान) के लिए दिया गया है। इनमें से दो विजेता १. Joel Mokyr २.Peter Howitt america के नागरिक हैं और एक philippe Aghion france के रहने वाले नागरिक है।
इन तीनों ने मिलकर आर्थिक विकास को अपनी तरीके से समझने तथा समझाने को नई दिशा दी है जिसमें विज्ञान (science) तकनीक (technology) और नवाचार ( innovation) के ही माध्यम से हमारा यह समाज लगातार आगे बढ़ता है।

एक नई दिशा:- creative distruction का विचार
अर्थशास्त्र में रचनात्मक विनाश (creative distruction) का होना कोई नई चीज नहीं है लेकिन अभी के समय में यानि आधुनिक आर्थिक सिद्धांतों में साइंटिफिकली इसको स्थापित करने का क्रेडिट इन्हीं अर्थशास्त्रियों को जाता है । यह विचार सबसे पहले देने वाले व्यक्ति जोसफ शुमपीटर थे जिसमें उन्होंने कहा था कि economic development यानि आर्थिक विकास एक लगातार आगे बढ़ने वाली प्रक्रिया है जिससे पुरानी टेक्नोलॉजी, उत्पाद और इंडस्ट्री धीरे धीरे खत्म होती जा रही है तथा उसकी जगह नई टेक्नोलॉजी उत्पाद और नए विचार को अपनाया जाने लगा है।
Philippe Aghion और peter Howitt ने इसी विचार को ध्यान में रखकर आगे बढ़ाते हुए 1990 के समय में Aghion – Howitt Model पेश किया था jisme दिखाया गया था कि नवाचार (innovation) कैसे अर्थव्यवस्था में लॉन्ग टर्म डेवलपमेंट का इंजन बनता है । उन्होंने इस मॉडल के द्वारा बताया कि जब कोई नया आविष्कार होता है तो वह सिर्फ और सिर्फ उत्पादकता नही बढ़ाता बल्कि कॉम्पिटिशन को भी तेज़ करता है। इस वजह से जो कंपनी कमजोर होती हैं वो पीछे रह जाती है और जो कंपनी नई होती है वो आगे बढ़ जाती है इसी प्रक्रिया को “रचनात्मक विनाश” creative distruction कहते है।

इतिहास से विकास का सबक सीखना:- Joel Mokyr
अमेरिका की नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर है Joel Mokyr जोकि एक आर्थिक इतिहासकार के नाम से भी जाने जाते है । उनकी रिसर्च इस बात पर टिकी हुई थी कि आखिरकार पश्चिमी दुनिया में जो औद्योगिक क्रांति हुई वह क्यों और कैसे हुई।
Mokyr का कहना यह है कि ये सब बस मशीनों या तकनीकी खोजों का नतीजा नहीं है बल्कि इसके पीछे कल्चरल (cultural) तथा बौद्धिक (intellectual) चेंजेज/ परिवर्तन थे। उन्होंने अपने रिसर्च मे दिखाया कि 17वी तथा 18वी सदी के यूरोप में साइंटिफिक सोच खुला ज्ञान और खुले प्रयोग की आजादी ने इनोवेशन का एक ट्रेंड बना दिया था और यह वही समय था जिसमें आगे चलकर इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन हुआ जिसके कारण पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था ही बदल गई।
उनके विचार आज भी रेलेवेंट है क्योंकि उनका कहना यह है कि किसी भी देश का आर्थिक विकास सिर्फ और सिर्फ उसकी पूंजी या श्रम पर निर्भर नहीं करता बल्कि ज्ञान और विचारों पर भी करता है जोकि सांस्कृतिक रूप से जुड़ा होता है।
इनोवेशन ही असली कैपिटल है
Modern economics (आधुनिक अर्थशास्त्र) , philippe Aghion और peter Howitt इन दोनों के कार्यों मे यह बताने का प्रयास करते है कि नवाचार ( innovation) और अनुसंधान (research) किसी भी देश की विकास की दर को प्रभावित करते है।
उनका model यह समझाता है कि जब सरकार एजुकेशन, टेक्नोलॉजी और रिसर्च इन सभी चीजों पर निवेश करती है तो वे न केवल नई नौकरियां बनाती है बल्कि पूरी की पूरी अर्थव्यवस्था को ऊपर ले जाती है जिससे कि समाज को बहुत फायदा होता है सब को नए नए काम रोज़गार मिलता है। इसी कारण आज दुनिया के लगभग हर बड़े देश में “innovation economy” को policy making का सेंट्रल हिस्सा बनाया गया है।

भारत जैसे डेवलपिंग कंट्री के लिए भी यह सिद्धांत बहुत अच्छा और उपयोगी है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भी कई बार “startup india” और “Make in India” जैसी innitiative मे भी नवाचार आधारित विकास को प्रोत्साहित किया है।
Aghion और Howitt का कहना यह है कि अगर भारत अपनी शिक्षा और रिसर्च को और मजबूत करें तो वह जल्द से जल्द “ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था” मे बदल सकता है।
स्वीडिश रॉयल अकादमी का कहना
प्राइज देते हुए स्वीडिश रॉयल अकादमी ऑफ साइंसेज ने कहा –
इन तीनों विद्वानों के काम से यह देखा जाता है कि नवाचार ना केवल आर्थिक विकास लाता है बल्कि उसके साथ साथ सामाजिक और सांस्कृतिक विकास की जड़ों को भी मजबूत करता है। उनके रिसर्च ने पॉलिसी मेकर को यह समझने में मदद की है कि गवर्नमेंट और इंस्टीट्यूशन नवाचार को आगे बढ़ने का मौका देकर सतत विकास यानी sustainabale development को सुनिश्चित कर रही है।
Individual contributions
- Philippe Aghion (जन्म: 1956 फ्रांस मे) : हार्वर्ड यूनिवर्सिटी मे प्रोफेसर। उन्होंने economic growth, education और प्रतिस्पर्धा नीति यानी competitive policy पर ज्यादा रिसर्च किया है।
- Peter Howitt (जन्म 1946 कनाडा) : ब्राउन यूनिवर्सिटी मे प्रोफेसर है। उनकी रिसर्च mainly economic development और पॉलिसी पर केंद्रित है।
- Joel Mokyr (जन्म 1946 neitheland) : नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी मे प्रोफेसर है। वह आर्थिक इतिहास के एक्सपर्ट है और “The Gift of Athena” नामक जैसी और भी फेमस पुस्तक के लेखक भी है।
| ALSO READ THIS: https://newzxpo.com/nobel-peace-prize-2025/ |



