Nobel peace prize 2025:Maria Corina Machado प्राइज जितने वाले कौन है ?

Nobel peace prize 2025

Nobel peace prize 2025:10 अक्टूबर को Nobel peace prize 2025 का ऐलान किया गया है। यह पुरस्कार विश्वव्यापी शांति, ह्यूमन राइट्स और संघर्ष के समाधान में योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को दिया जाता है। वेनेजुएला की मारिया कोरिना माचाडो इस वर्ष इस पुरस्कार के लिए चुनी गई है।

कौन है मारिया कोरीना माचाडो( Maria Corina Machado) ?

मारिया माचाडो एक वेनेजुएला की राजनीतिज्ञ और मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं, जो वर्तमान में वेनेजुएला में विपक्ष की नेता हैं। उन्होंने 2011 से 2014 तक वेनेजुएला की राष्ट्रीय सभा में चुनी हुई सदस्य के रूप में काम किया है। मारिया कोरिना मचाडो 2024 के चुनाव में विपक्ष की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार थीं, लेकिन सरकार ने उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी। इसके बावजूद, उन्होंने हार नहीं मानी और वेनेजुएला में पारदर्शिता, नागरिक स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक सुधारों के लिए काम करना जारी रखा। वह वर्तमान में सरकार के खिलाफ लोकतांत्रिक आंदोलन का नेतृत्व कर रही हैं।

Nobel peace prize

पूर्व Nobel peace prize विजयेता

Nobel community ने बीते वर्षों में इस सम्मान से बहुत से प्रभावी व्यक्तियों को सम्मानित किया है।

जैसे: Nihon Hidankyo, Narges Mohammadi, Maria Ressa आदि
ये तो बस कुछ नाम हैं अब तक ये सम्मान 106 लोगों को मिल चुका है। भारत की बात करें तो आखिरी बार ये सम्मान आज ये 11 वर्ष पूर्व 2014 में कैलाश सत्यार्थी को बच्चों और युवाओं के दमन के विरुद्ध उनके संघर्ष तथा सभी बच्चों के शिक्षा के अधिकार के लिए दिया गया।

White house( America) का रिएक्शन

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इस सम्मान की उम्मीद कर रहे थे लेकिन Nobel community ने उनकी जगह मारिया को इस सम्मान के लिए चुना जिसके संदर्भ में अमेरिकी राष्ट्रपति ने खुद बयान दिया है

ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए कहा

“नोबेल पुरस्कार जीतने वाली व्यक्ति ने मुझे आज फ़ोन किया और कहा, ‘मैं यह पुरस्कार आपके सम्मान में स्वीकार कर रही हूँ क्योंकि आप सचमुच इसके हकदार थे।’… मैंने यह तो नहीं कहा, ‘तो फिर मुझे दे दो,’ पर मुझे लगता है कि शायद वह दे भी देतीं… वह बहुत अच्छी हैं और मैं शुरू से उनकी मदद करता रहा हूँ। वेनेजुएला में इस आपदा के दौरान उन्हें बहुत मदद की ज़रूरत थी। मैं खुश हूँ क्योंकि मैंने लाखों लोगों की जान बचाई है…”

Share:

WhatsApp
Telegram
Facebook
Twitter
LinkedIn