गाजा सिटी, 13 सितंबर 2025 – गाजा सिटी में इजरायली हवाई हमलों की तीव्रता बढ़ गई है, जिससे कम से कम 50 फिलिस्तीनी नागरिक मारे गए हैं। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि इनमें अधिकांश लोग आम नागरिक, बच्चे और बुजुर्ग हैं। इजरायल का कहना है कि हवाई हमले हमास के ठिकाने, हथियार भंडार और सुरंग नेटवर्क को निशाना बना रहे हैं। हालांकि, इन हमलों से आवासीय और नागरिक इलाकों को भी भारी नुकसान हुआ है।
गाजा सिटी के कई निवासी शहर छोड़ने से इनकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि सुरक्षित स्थल भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं और रास्ते में जान का खतरा है। स्थानीय निवासी अहमद ने कहा: “हमारे पास सुरक्षित विकल्प नहीं हैं। शरण स्थल भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं और वहां जाने से भी खतरा कम नहीं होगा।”
संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने इजरायल के आदेश की आलोचना की है। उनका कहना है कि लाखों लोगों को शहर छोड़ने का आदेश पहले से गंभीर मानवीय संकट को और बढ़ा सकता है। राहत एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि भोजन, पानी और दवा की कमी हालात और बिगाड़ सकती है। इजरायली सेना के पूर्व प्रमुख हर्ज़ी हैलेवी ने माना है कि फिलिस्तीनियों की कुल हताहत संख्या 2,00,000 से अधिक हो सकती है, जिसमें घायल भी शामिल हैं।
इजरायल के भीतर भी युद्ध के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज़ हो गए हैं। “सोल्जर्स फॉर होस्टेजेज़” और “SOS” जैसी समूहों ने सैनिकों और उनके परिवारों से अपील की है कि वे गाजा में जारी संघर्ष में भाग न लें। उनका कहना है कि युद्ध की वजह से नागरिक हताहतियां बढ़ रही हैं और शांति और समाधान की तत्काल आवश्यकता है।
गाजा सिटी में अस्पताल और मेडिकल सुविधाएं अत्यधिक दबाव में हैं और एम्बुलेंस सेवाएं कई क्षेत्रों तक नहीं पहुंच पा रही हैं। हजारों लोग भीड़भाड़ वाले शरणस्थलों में रह रहे हैं, जहां पर्याप्त सुरक्षा और स्वच्छता की सुविधा नहीं है। मानवाधिकार संगठन लगातार अपील कर रहे हैं कि तुरंत युद्धविराम किया जाए, राहत कार्यों में बाधा न आए और कमजोर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर दबाव है कि वह तुरंत तत्काल कदम उठाए। यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो मृतकों की संख्या और मानवीय संकट और बढ़ सकता है।



