Bihar University: तीन विश्वविद्यालयों के लिए नेशनल अप्रेंटिसशिप एंड ट्रेनिंग स्कीम पर विश्वविद्यालय में 24 को कार्यशाला

Bihar University

Bihar University अपने छात्रों और शिक्षकों के लिए एक विशेष कार्यशाला आयोजित करने जा रहा है। यह कार्यशाला नेशनल अप्रेंटिसशिप एंड ट्रेनिंग स्कीम (NATS) के तहत आयोजित की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को व्यावसायिक प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर प्रदान करना है। यह कार्यक्रम 24 तारीख को विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित होगा और इसमें तीन प्रमुख विश्वविद्यालयों के छात्रों और शिक्षकों को आमंत्रित किया गया है।

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नेशनल अप्रेंटिसशिप एंड ट्रेनिंग स्कीम भारत सरकार की एक पहल है, जिसका उद्देश्य युवाओं को उद्योगों में प्रशिक्षण प्रदान करके उनके कौशल को बढ़ाना और रोजगार के अवसर सुनिश्चित करना है। इस स्कीम के तहत छात्र विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं, जिससे उनके व्यावसायिक और तकनीकी कौशल का विकास होता है। इससे छात्रों को नौकरी के लिए तैयार किया जाता है और उद्योगों को प्रशिक्षित कर्मियों की उपलब्धता मिलती है।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों को अप्रेंटिसशिप स्कीम की प्रक्रिया, इसके लाभ और इसे लागू करने के तरीकों के बारे में जानकारी देना है। कार्यशाला में विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें छात्रों को आवेदन प्रक्रिया, प्रशिक्षण की अवधि, विभिन्न उद्योगों में अवसर और स्कीम से जुड़े नियमों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

कार्यशाला का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह छात्रों को व्यावहारिक अनुभव और वास्तविक दुनिया से जोड़ती है। शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं रह जाती, बल्कि अप्रेंटिसशिप के माध्यम से छात्र उद्योगों में काम करने का अनुभव प्राप्त कर सकते हैं। यह अनुभव उनके आत्मविश्वास को बढ़ाता है और उन्हें पेशेवर दुनिया के लिए तैयार करता है।

छात्रों को यह समझने का अवसर मिलेगा कि अप्रेंटिसशिप केवल नौकरी पाने का साधन नहीं है, बल्कि यह उनके व्यावसायिक कौशल को मजबूत करने, अनुभव प्राप्त करने और भविष्य में करियर विकल्पों को विस्तृत करने का भी तरीका है। इससे छात्र अपने पेशेवर जीवन के लिए बेहतर तैयारी कर सकते हैं और नौकरी के अवसरों का अधिकतम लाभ उठा सकते हैं।

कार्यशाला में इंटरेक्टिव सत्र और सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। छात्रों को विशेषज्ञों से सीधे सवाल पूछने का अवसर मिलेगा और उन्हें वास्तविक उद्योग अनुभव और मार्गदर्शन प्राप्त होगा। उद्योग जगत के अनुभवी विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे और छात्रों को बताएंगे कि किस प्रकार वे अपनी शिक्षा और प्रशिक्षण को रोजगार के अवसरों में बदल सकते हैं।

तीन विश्वविद्यालयों के छात्रों के लिए यह कार्यशाला विशेष रूप से लाभकारी साबित होगी। इससे उन्हें अन्य विश्वविद्यालयों के छात्रों और उद्योग जगत के पेशेवरों के साथ नेटवर्किंग का अवसर मिलेगा। यह नेटवर्किंग भविष्य में रोजगार के अवसरों को बढ़ाने में सहायक होगी। छात्रों को यह भी समझने का अवसर मिलेगा कि अप्रेंटिसशिप के जरिए कौन-कौन से कौशल और विशेषज्ञता विकसित की जा सकती है।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि कार्यशाला में भाग लेने वाले छात्रों को प्रशिक्षण पूरा होने के बाद सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा। यह सर्टिफिकेट उनके भविष्य के करियर में सहायक होगा और नौकरी के अवसरों में वृद्धि करेगा। यह प्रमाणपत्र छात्रों के रिज़्यूमे को मजबूत करेगा और उन्हें रोजगार के लिए अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगा।

कार्यशाला में छात्रों को यह मार्गदर्शन दिया जाएगा कि कैसे वे अपने कौशल और ज्ञान का उपयोग कर नौकरी के लिए तैयार हो सकते हैं। इसमें समय प्रबंधन, पेशेवर व्यवहार, तकनीकी दक्षता और साक्षात्कार की तैयारी जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की जाएगी। इससे छात्र न केवल स्कीम का लाभ उठाएंगे बल्कि अपने पेशेवर विकास के लिए भी तैयार होंगे।

विशेषज्ञ सत्रों में छात्रों को यह बताया जाएगा कि विभिन्न उद्योगों में किस प्रकार के अनुभव प्राप्त किए जा सकते हैं। उदाहरण के लिए, तकनीकी, इंजीनियरिंग, प्रबंधन, वित्त और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में अप्रेंटिसशिप से छात्रों को व्यावहारिक अनुभव और पेशेवर दृष्टिकोण सीखने का अवसर मिलेगा। यह अनुभव उनके करियर में निर्णायक भूमिका निभाएगा और उन्हें प्रतिस्पर्धी नौकरी के लिए तैयार करेगा।

विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार की कार्यशालाएं छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ व्यावसायिक प्रशिक्षण भी प्रदान करती हैं। इससे छात्र अपने पेशेवर जीवन के लिए आत्मविश्वास विकसित कर सकते हैं और रोजगार के अवसरों के लिए बेहतर तैयार हो सकते हैं। कार्यशालाएं छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए उपयोगी होती हैं और उनके पेशेवर विकास में मदद करती हैं।

एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि छात्रों को उद्योग जगत की वास्तविक चुनौतियों और आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त होगी। इससे उन्हें न केवल अपने कौशल को बढ़ाने का अवसर मिलेगा बल्कि अपने ज्ञान का व्यावहारिक उपयोग करना भी सीखेंगे। यह अनुभव उन्हें भविष्य में नौकरी या व्यवसायिक अवसरों में अधिक सफल बनाने में मदद करेगा।

इस प्रकार, 24 तारीख को आयोजित होने वाली यह कार्यशाला छात्रों के लिए एक सुनहरा अवसर है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी छात्रों और शिक्षकों से आग्रह किया है कि वे इस कार्यशाला में भाग लेकर अपने करियर और कौशल विकास के नए रास्ते खोजें। यह कार्यशाला न केवल शिक्षा का विस्तार करेगी बल्कि छात्रों को उनके पेशेवर जीवन के लिए भी तैयार करेगी।

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