भागलपुर जिले में 2025 विधानसभा चुनाव की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। हर पार्टी अपने उम्मीदवारों की फाइनल लिस्ट को लेकर सटीक रणनीति बनाने में लगी है। लेकिन वर्तमान विधायकों के टिकट को लेकर अभी तक कोई स्पष्टता नहीं है, जिससे गोपालपुर और कहलगांव विधानसभा क्षेत्रों में सियासी हलचल बढ़ गई है।
कहलगांव: गठबंधन और पुराने खिलाड़ी
कहलगांव सीट हमेशा से कांग्रेस के लिए अहम रही है। यहाँ से पूर्व मंत्री सदानंद सिंह और उनके पुत्र शुभानंद मुकेश ने चुनाव लड़ा। लेकिन 2020 में भाजपा के पवन यादव ने इस सीट पर जीत दर्ज की।
इस बार चीजें और जटिल हैं क्योंकि शुभानंद मुकेश जदयू में शामिल हो गए हैं। इसका असर यह हुआ कि कांग्रेस और राजद दोनों के दावेदार सक्रिय हो गए हैं। राजद समर्थक पोस्टर फाड़ने और प्रचार में सक्रिय हैं, ताकि माहौल अपने पक्ष में बनाया जा सके।
गोपालपुर: टिकट की जंग तेज
गोपालपुर में जदयू के गोपाल मंडल लगातार चार बार जीत चुके हैं। लेकिन इस बार पूर्व सांसद बुलो मंडल ने जदयू जॉइन कर मोर्चा खोल दिया है।
गोपाल मंडल लगातार बयानबाजी कर रहे हैं, जबकि बुलो मंडल की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। इसके अलावा, जदयू महिला प्रकोष्ठ की अपर्णा कुमारी भी सक्रिय हैं। इन सब कारणों से टिकट वितरण को लेकर स्थिति असामंजसपूर्ण बनी हुई है।
जिलाध्यक्ष भी मैदान में
- जदयू के विपिन बिहारी सिंह ने कहा कि अब वक्त है अपनी किस्मत आजमाने का।
- कांग्रेस के परवेज जमाल कहलगांव सीट के लिए तैयार हैं।
- राजद के चंद्रशेखर यादव सुल्तानगंज से मैदान में हैं।
- भाजपा के संतोष साह भागलपुर विधानसभा पर नजर गड़ाए हुए हैं।
- लोजपा (रामविलास) के सुबोध पासवान पीरपैंती से टिकट की उम्मीद लगाए हैं।
इससे साफ है कि लगभग हर बड़ा नेता इस बार खुद चुनावी अखाड़े में उतरने की तैयारी में है।
गोपालपुर और कहलगांव में टिकट वितरण को लेकर जो अस्पष्टता बनी है, वह वर्तमान विधायकों और उम्मीदवारों के लिए चिंता का विषय है। आगामी चुनाव में यह दल और गठबंधन के अंदर की चुनौतियाँ निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं।



